मुख्य बिंदु
- Bihar News: घर में घुसे किंग कोबरा-अजगर, कुत्ते ने बचाई जान पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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Bihar News: घर में घुसे किंग कोबरा-अजगर, कुत्ते ने बचाई जान
बगहा (पश्चिम चंपारण): बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से सटे गोनौली गांव में मंगलवार रात एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। एक ही घर में किंग कोबरा और विशाल अजगर के घुसने से पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, परिवार के पालतू कुत्ते की सतर्कता ने समय रहते सभी की जान बचा ली।
घर में एक साथ दिखे दो खतरनाक सांप
जानकारी के अनुसार, गोनौली गांव निवासी सोनालाल साह के घर में देर रात जंगल से निकलकर दो बड़े सांप घुस आए। इनमें एक बेहद विषैला किंग कोबरा था, जबकि दूसरा विशाल अजगर (Python) था। दोनों सांपों को एक साथ देखकर परिवार के लोग घबरा गए और घर में हड़कंप मच गया।
पालतू कुत्ते ने समय रहते किया सतर्क
घटना के दौरान परिवार गहरी नींद में सो रहा था। तभी घर के पालतू कुत्ते ने अचानक तेज़ आवाज़ में लगातार भौंकना शुरू कर दिया। कुत्ते की असामान्य हरकत से परिवार की नींद खुली। जब परिजनों ने टॉर्च की रोशनी में देखा तो घर के अंदर किंग कोबरा और अजगर को देखकर उनके होश उड़ गए।
परिवार ने बिना घबराए तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाकर वन विभाग को सूचना दी।
वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू
सूचना मिलते ही गोनौली वन क्षेत्र की टीम और प्रशिक्षित स्नेक कैचर मुरारी कुमार मौके पर पहुंचे। काफी सावधानी और मशक्कत के बाद दोनों सांपों को सुरक्षित पकड़ लिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद किंग कोबरा और अजगर को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
पहले भी घर में घुस चुका है किंग कोबरा
सोनालाल साह के बेटे नितेश कुमार ने बताया कि करीब दो साल पहले भी बरसात के मौसम में एक किंग कोबरा उनके घर में घुस आया था। उस समय भी उनके पालतू कुत्ते ने ही समय रहते परिवार को सतर्क किया था, जिससे बड़ा हादसा टल गया था।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
वन अधिकारियों के अनुसार, बरसात और गर्मी के मौसम में जलभराव तथा भोजन की तलाश में सांप और अन्य वन्यजीव जंगलों से निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। इसलिए जंगल से सटे गांवों के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, रात में पर्याप्त रोशनी रखें और किसी भी विषैले जीव को खुद पकड़ने की कोशिश न करें। ऐसे मामलों में तुरंत वन विभाग की टीम को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
कुत्ते की वफादारी बनी परिवार की ढाल
इस घटना में परिवार के पालतू कुत्ते की सतर्कता सबसे बड़ी वजह बनी, जिससे समय रहते खतरे का पता चल गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। ग्रामीण भी कुत्ते की वफादारी और समझदारी की सराहना कर रहे हैं। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और परिवार को बड़ी राहत मिली।
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